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जयपुर के कवि रोहित सिंह के पहले काव्य संग्रह ‘विसाल’ का हुआ विमोचन

जयपुर, जयपुर के कवि और लेखक रोहित सिंह के पहले हिंदी काव्य संग्रह ‘विसाल’ का विमोचन शनिवार को होटल डिग्गी पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। पुस्तक का विमोचन ब्लू पॉटरी के लिए प्रख्यात, कलाकार लीला बोर्डिया; कवि, मनोज मित्तल कैफ; पब्लिसिस्ट व कवि, जगदीप सिंह और लेखक रोहित सिंह ने किया। इस अवसर पर रोहित ने दास्तानगो, अशहर हक़ के साथ संवाद करते हुए अपनी कविताओं के अर्थ, लेखन की प्रक्रिया और पुस्तक से जुड़े अनुभव साझा किए। पुस्तक का प्रकाशन मंजुल इंडिया पब्लिशिंग हाउस ने किया है।

अपने पहले काव्य संग्रह के बारे में रोहित सिंह ने कहा, “विसाल का अर्थ मिलन है और यह पुस्तक मेरे पाठकों के साथ पहली मुलाकात है। ‘विसाल’ में प्रेम, जुनून, मानवीय संवेदनाओं और दोस्ती जैसे भावों को सहज लेकिन प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत किया गया है। संग्रह की कविताओं में रिश्तों की कोमलता और रोमांस के साथ जीवन के संघर्ष, पीड़ा, व्यंग्य और कड़वी वास्तविकताओं की झलक भी मिलती है। सरल भाषा में लिखी गई ये कविताएं मानवीय अनुभवों और जीवन के विभिन्न पहलुओं को करीब से देखने का अवसर देती हैं।

चर्चा के दौरान रोहित ने बताया कि उन्हें ग़ालिब, मीर, मुश्ताक अहमद, दाग़ जैसे क्लासिकल शायरों से लिखने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने कहा कि उभरते और नए लेखकों को अच्छा लिखने के लिए कृष्ण चंदर, इस्मत चुग़ताई और प्रेमचंद आदि जैसे साहित्यकारों को भी पढ़ना चाहिए। लेखन एक प्रोसेस है, जिसमें विचारों को विकसित करने के लिए निरंतर पढ़ना और अनुशासन को अपनाना जरूरी है। इसके लिए समय निकालना पड़ता है।

उन्होंने उर्दू और देवनागरी लिपि के बीच समानताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दोनों भाषाएं मिली-जुली संस्कृति से निकली हैं। उर्दू साहित्य को गहराई से समझने और उसका पूरा आनंद लेने के लिए उर्दू लिपि को विस्तार से पढ़ने और सीखने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि एक कवि का दिल संवेदनशील होता है और वह अपने आसपास हो रही घटनाओं से अनजान नहीं रह सकता। यही संवेदनाएं कविता के माध्यम से अभिव्यक्त होती हैं।

उल्लेखनीय है कि जयपुर में जन्मे रोहित सिंह हिंदी-उर्दू के कवि, गीतकार और लेखक होने के साथ संगीतकार एवं गायक भी हैं। वे जश्न-ए-रेख्ता और वर्ल्ड बुक फेयर सहित कई प्रतिष्ठित साहित्यिक मंचों पर काव्य पाठ कर चुके हैं। साहित्य और संगीत के क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ उन्होंने विभिन्न नेशनल एवं मल्टीनेशनल कंपनियों में भी कई वर्षों तक काम किया है।

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