HINDILIFESTYLENATIONALWORLD

मलेशिया में मीरा महोत्सव की भव्य गूंज, भजनों से जीवंत हुई राजस्थान की भक्ति परंपरा

मलेशिया, राजस्थान फाउंडेशन मलेशिया चैप्टर की ओर से ‘Cholas by WTF, Sheraton, Malaysia’ में भव्य मीरा महोत्सव का आयोजन किया गया। शाम 4 बजे से 6:30 बजे तक आयोजित इस सांस्कृतिक एवं भक्तिमय समारोह में मीराबाई की कृष्णभक्ति, राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रवासी भारतीय समुदाय की एकजुटता का सुंदर संगम देखने को मिला।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त महामहिम श्री सोमनाथ घोष उपस्थित रहे। आयोजन के माध्यम से उनका आत्मीय स्वागत भी किया गया। भारतीय उप उच्चायुक्त श्री हितेश राजपाल की उपस्थिति ने भी समारोह की गरिमा बढ़ाई। राजस्थान फाउंडेशन की आयुक्त डॉ. मनीषा अरोड़ा ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर उपस्थित समुदाय को संबोधित किया।

राजस्थान फाउंडेशन मलेशिया चैप्टर के अध्यक्ष श्री आकाश कोठारी, पदाधिकारियों और सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में प्रवासी राजस्थानी परिवारों तथा भारतीय समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

उच्चायुक्त ने सराहा राजस्थानी समुदाय का व्यापार और परोपकार में योगदान

अपने संबोधन में महामहिम श्री सोमनाथ घोष ने राजस्थानी समुदाय की उद्यमशीलता, सामाजिक सक्रियता और परोपकार की भावना की सराहना की। उन्होंने व्यापार के साथ-साथ जनकल्याण और धर्मार्थ कार्यों में समुदाय के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

मीरा महोत्सव के आयोजन की प्रशंसा करते हुए उन्होंने भारतीय संस्कृति से जुड़े ऐसे आयोजनों को प्रवासी समुदाय के आपसी जुड़ाव का सार्थक माध्यम बताया। मीराबाई की भक्ति और उनके भजनों पर केंद्रित इस आयोजन में भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति समुदाय का प्रेम स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

उनके संबोधन में भारतीय समुदाय की एकजुटता और मिलकर कार्य करने की भावना प्रमुख रही। उन्होंने विभिन्न भारतीय समुदायों के सहयोग को व्यापक सामाजिक हित तथा भारत से संबंधों को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण बताया।

महामहिम ने कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए राजस्थान फाउंडेशन मलेशिया चैप्टर के अध्यक्ष श्री आकाश कोठारी और उनकी पूरी कार्यकारिणी का आभार व्यक्त किया।

डॉ. मनीषा अरोड़ा ने मीराबाई की भक्ति और मातृभूमि से जुड़ाव पर दिया संदेश

राजस्थान फाउंडेशन की आयुक्त डॉ. मनीषा अरोड़ा ने वर्चुअल संबोधन में मीराबाई के जीवन, उनकी कृष्णभक्ति और उनके भजनों की भावपूर्ण परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने मलेशिया चैप्टर द्वारा मीरा महोत्सव आयोजित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

उनके संबोधन में मीराबाई की आराधना, समर्पण और भक्ति-साहित्य का महत्व प्रमुख रहा। मीराबाई के पदों में व्यक्त प्रेम और श्रद्धा आज भी लोगों को अपनी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जोड़ते हैं। विदेश में उनके भजनों पर केंद्रित आयोजन इस विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

डॉ. अरोड़ा ने इस बात पर विशेष प्रसन्नता जताई कि विदेशों में रहने वाले राजस्थानी अपनी मातृभूमि, परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों से मजबूत संबंध बनाए हुए हैं। उन्होंने आयोजन के लिए मलेशिया चैप्टर, अध्यक्ष श्री आकाश कोठारी और पूरी टीम को धन्यवाद दिया।

मीराबाई की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाना हमारा दायित्व: आकाश कोठारी

अध्यक्ष श्री आकाश कोठारी ने अपने स्वागत संबोधन में महामहिम श्री सोमनाथ घोष को कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने भारतीय उच्चायोग के सहयोग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ऐसे अवसर प्रवासी समुदाय और भारतीय संस्थाओं के बीच संवाद तथा आत्मीयता को मजबूत करते हैं।

श्री कोठारी ने राजस्थान की धरती से जुड़ी महान संत-कवयित्री मीराबाई की विरासत पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने मीराबाई के भजनों को सुनने की पारिवारिक परंपरा और बच्चों को उनके जीवन तथा भक्ति से परिचित कराने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने राजस्थान की उस समृद्ध परंपरा का उल्लेख किया, जिसने अनेक संतों, कवियों और प्रेरक व्यक्तित्वों को जन्म दिया है। उनके संबोधन का प्रमुख भाव था कि विदेश में रहते हुए भी बच्चों को अपनी भाषा, लोकपरंपराओं और महान विभूतियों से परिचित कराया जाए, ताकि वे अपनी पहचान और मूल्यों से जुड़े रहें।

श्री कोठारी ने राजस्थान फाउंडेशन मलेशिया चैप्टर की भूमिका को संस्कृति, निवेश, शिक्षा और सामुदायिक सेवा से जोड़ते हुए संस्था की आगामी योजनाओं की जानकारी भी साझा की।

लगभग ₹200 करोड़ के निवेश एमओयू और ₹2.5 करोड़ की विद्यालय परियोजनाओं की जानकारी

श्री आकाश कोठारी ने बताया कि मलेशिया चैप्टर से जुड़े प्रयासों के तहत राजस्थान सरकार के साथ लगभग ₹200 करोड़ के निवेश संबंधी समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित हुए हैं। उन्होंने इसे प्रवासी राजस्थानियों के मातृभूमि के विकास से जुड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

शिक्षा के क्षेत्र में योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने जानकारी दी कि जयपुर, जोधपुर और हनुमानगढ़ में लगभग ₹2.5 करोड़ की विद्यालय संबंधी परियोजनाओं पर कार्य शीघ्र शुरू करने की योजना है। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से राजस्थान के बच्चों के भविष्य में योगदान देने के संकल्प को रेखांकित किया।

इसके साथ ही उन्होंने 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाले दीपावली दान अभियान की जानकारी दी और सदस्यों से इस सेवा कार्य में सहयोग करने का आह्वान किया।

मलेशिया में ‘हनुमान की गीता’ पुस्तक का परिचय भी दिया गया

मीरा महोत्सव के अवसर पर राजस्थान की प्रसिद्ध लेखिका अंशु हर्ष की पुस्तक ‘हनुमान की गीता’ का मलेशिया में परिचय भी दिया गया। इस साहित्यिक पहल ने आयोजन में भक्ति और संगीत के साथ साहित्य का सुंदर आयाम जोड़ा।

पुस्तक को लेकर मलेशिया में बसे राजस्थानी समाज तथा अन्य भारतीय समुदायों के सदस्यों ने उत्सुकता और रुचि दिखाई। आयोजकों ने जानकारी दी कि पुस्तक अमेज़न पर उपलब्ध है, जहाँ से इच्छुक पाठक इसे प्राप्त कर सकते हैं।

मीराबाई के भजनों से गूंजा सभागार

सांस्कृतिक प्रस्तुति में गायिका मनीषा जी और उनकी टीम ने मीराबाई के भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भावपूर्ण गायन से श्रोता कार्यक्रम से गहराई से जुड़े और अनेक उपस्थित सदस्य भी कलाकारों के साथ भजन गाते नजर आए।

मीराबाई भारतीय भक्ति परंपरा की ऐसी संत-कवयित्री हैं, जिनके पदों में कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम, विरह और पूर्ण समर्पण का भाव मिलता है। उनकी रचनाएँ पीढ़ियों से संगीत और लोकस्मृति के माध्यम से लोगों के जीवन का हिस्सा रही हैं। मीरा महोत्सव में इसी जीवंत परंपरा का अनुभव हुआ, जहाँ संगीत ने विभिन्न पीढ़ियों को एक साथ जोड़ा।

भजनों की मधुर प्रस्तुतियों और श्रोताओं की सहभागिता ने आयोजन को एक आत्मीय सामुदायिक उत्सव का स्वरूप दिया।

दानदाताओं और सहयोगियों का सम्मान

समारोह के दौरान आगामी 31 अक्टूबर के दीपावली दान अभियान में सहयोग देने वाले दानदाताओं को महामहिम श्री सोमनाथ घोष द्वारा सम्मानित किया गया।

सम्मान प्राप्त करने वालों में श्रीमती माधवी तलवारिया, एमवाईएम के अध्यक्ष श्री अमित गुप्ता, श्रीमती रेखा जैन और श्री विजय जैन शामिल रहे। श्री योगेश अग्रवाल तथा श्री विशाल दुसाद को प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

इस सम्मान के माध्यम से समाजसेवा में सहयोग देने वाले सदस्यों के योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

उप उच्चायुक्त ने भी की सामुदायिक प्रयासों की सराहना

भारतीय उप उच्चायुक्त श्री हितेश राजपाल ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया और मलेशिया में राजस्थानी समुदाय द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उनकी उपस्थिति से आयोजकों और सदस्यों को प्रोत्साहन मिला।

कार्यकारिणी और सदस्यों के सहयोग से सफल हुआ आयोजन

अध्यक्ष श्री आकाश कोठारी ने आयोजन की सफलता के लिए उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू पुरोहित, सचिव श्री उज्ज्वल मेहता, संयुक्त सचिव श्रीमती शालिनी कोठारी और कोषाध्यक्ष श्री अमित तलवारिया के योगदान की प्रशंसा की।

उन्होंने श्री तरुण पुरोहित, श्री मदन, श्री हरीश, आहना जी, श्री अमित गुप्ता सहित सभी कोर कमेटी सदस्यों, सहयोगियों और राजस्थान फाउंडेशन के सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया। अतिथि स्वागत, कार्यक्रम समन्वय और अन्य व्यवस्थाओं में टीम के सामूहिक प्रयासों की सराहना की गई।

कार्यक्रम में हाई-टी एवं खानपान की व्यवस्था Cholas by WTF की ओर से की गई। उपस्थित परिवारों और सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी तथा सकारात्मक प्रतिक्रिया ने मीरा महोत्सव को यादगार बनाया।

मीराबाई की भक्ति को समर्पित यह आयोजन मलेशिया में बसे राजस्थानी समुदाय के लिए अपनी संस्कृति का उत्सव मनाने, नई पीढ़ी को विरासत से जोड़ने और समाजसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर बना।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *