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आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने मनाया 41वां स्थापना दिवस

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने अपने 41 वर्ष पूरे किए। वर्ष 1984 में स्थापित यह संस्थान स्वास्थ्य प्रबंधन और उससे जुड़ी योजनाओं के बेहतर संचालन के माध्यम से स्वास्थ्य मानकों को ऊंचा उठाने के लिए समर्पित रहा है। समारोह की शुरुआत आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. पी.आर. सोडानी के स्वागत भाषण से हुई। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने 1984 से अब तक की संस्थान की गौरवशाली यात्रा को याद किया, जिसमें आईआईएचएमआर ने स्वास्थ्य प्रबंधन अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान के रूप में अपनी पहचान बनाई।

डॉ. पी.आर सोडानी ने अपने संबोधन में छात्र विकास, पाठ्यक्रम, अनुसंधान और सहयोग के क्षेत्र में यूनिवर्सिटी की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि चार दशक की इस उत्कृष्ट यात्रा के बाद यूनिवर्सिटी अब वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली के भविष्य को आकार देने के लिए रूपांतरकारी अनुसंधान, आधुनिक शिक्षा और सामाजिक कल्याण के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ रहा है।

इस मौके पर डॉ. पी.आर सोडानी ने  सेंटर फॉर एनवायर्नमेंटल हेल्थ’  की स्थापना की घोषणा की। यह केंद्र जलवायु परिवर्तन, जल एवं स्वच्छता, व्यावसायिक स्वास्थ्य, गर्मी से जुड़ी बीमारियां और इनके सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रभाव जैसे अहम मुद्दों पर कार्य करेगा।

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने अपने पूर्व छात्रों के उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने के लिए ‘डिस्टिंग्विश्ड एलुमनाई अवार्ड्स’ की शुरुआत की है। इस वर्ष यह पुरस्कार ऋचा सिंह देबगुप्ता (बैच 1998-2000), जो वर्तमान में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट,फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड हैं, और  डॉ. प्रीत मतानी (बैच 2001-2003), जो वर्तमान में पार्टनर—हेल्थकेयर एडवाइजरी, PwC (प्राइस वाटर हाउस कूपर्स) हैं, को प्रदान किए गए।

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी अपने आईआईएचएमआर फाउंडेशन–आईआईएचएमआर स्टार्टअप्स के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र के नए उद्यमियों को फंडिंग, मेंटरशिप और इकोसिस्टम पार्टनरशिप प्रदान कर रही है। इस पहल का उद्देश्य देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, सस्ती और सबके लिए उपलब्ध बनाना है। इसी क्रम में फाउंडेशन ने लाइफस्पार्क टेक, इम्यूनिफिट, प्रेगअमी और अनुकूल ऑटिज़्म नॉलेज एकेडमी  को एक-एक लाख रुपये की स्टार्टअप ग्रांट प्रदान की।

इसके साथ ही, आईआईएचएमआर फाउंडेशन ने नेमाऐआई, एआईग्नोसिस, डिजिस्वास्थ्य, बूटवे और फेमीज़ जैसे नवाचारों को भी सम्मानित किया, जिन्होंने भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में नई दिशा दी है। समारोह में छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से शास्त्रीय नृत्य और मधुर संगीत का शानदार संगम पेश किया।

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