HINDILITERATURENATIONAL

“वर्ल्ड ऑफ वर्ड्स” में ‘बवालिस्तान’ पर सार्थक संवाद का आयोजन

साहित्यिक मंच “वर्ल्ड ऑफ वर्ड्स” के अंतर्गत आज एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें युवा उपन्यासकार एवं कथाकार तसनीम ख़ान के रचनाकर्म पर वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखिका अंशु हर्ष के साथ एक सार्थक संवाद हुआ। इस अवसर पर तसनीम ख़ान के चर्चित कहानी संग्रह “बवालिस्तान” पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान तसनीम ख़ान ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि वे अपने साहित्य के माध्यम से भारतीय स्त्री समाज में चेतना जगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने पितृसत्तात्मक व्यवस्था द्वारा स्त्रियों पर थोपे गए असमानता के नियमों का विरोध करते हुए स्पष्ट किया कि स्त्री को प्रेम करने और अपने जीवन को अपने तरीके से जीने की पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी रचनाएँ इसी जागरूकता को समाज तक पहुँचाने का एक प्रयास हैं।
तसनीम ने स्वयं को एक वैश्विक नारी के रूप में परिभाषित करते हुए कहा कि वे इस सामाजिक जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रही हैं। उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि साहित्य और समाज दोनों स्तरों पर उनके लेखन को जो स्वीकार्यता मिल रही है, वह उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक है और उनके रचनात्मक हौसले को मजबूत करती है। उन्होंने यह भी कहा कि हर परिवर्तन की आलोचना स्वाभाविक है, लेकिन वही परिवर्तन आगे चलकर समाज को नई दिशा देता है। कार्यक्रम के अंत में कमला पोद्दार एवं श्री हरि ओम बंब द्वारा तसनीम ख़ान को “वर्ल्ड ऑफ वर्ड्स” की ओर से धन्यवाद स्वरूप उपहार भेंट किया गया। यह सत्र न केवल एक साहित्यिक चर्चा रहा, बल्कि समकालीन सामाजिक सरोकारों, स्त्री-विमर्श और मानवीय संवेदनाओं पर एक गंभीर और प्रेरणादायक संवाद के रूप में भी सामने आया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *