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संगीत, संवेदना और सुरों से सजी एक यादगार शाम।



जवाहर कला केंद्र (जेकेके), जयपुर में आयोजित ग़ज़ल संध्या में बॉलीवुड के प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक एवं ऑल इंडिया रेडियो के टॉप ग्रेड कलाकार मोहम्मद वकील ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रोताओं का दिल जीत लिया।उन्होंने ‘केसरिया बालम’, ‘वीर-जारा’ की लोकप्रिय कव्वालियों, ग़ज़लों और सूफी गीतों से समां बांध दिया। इस अवसर पर उन्होंने अपने 35 वर्षों के संगीत सफर के प्रेरणादायक अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने संगीत के महान हस्तियों के साथ अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए गुरुजनों के सम्मान और संगीत की मूल भावना पर अपने विचार रखे। वहीं, डॉ. बशीर बद्र की ग़ज़ल “ये कसक दिल में चुभी रह गई” और शायर शकील आज़मी की भावपूर्ण नज़्म ने उपस्थित श्रोताओं को भावुक कर दिया।
जवाहर कला केंद्र (जेकेके) में आयोजित सुप्रसिद्ध ग़ज़ल गायक के संगीत कार्यक्रम को श्रोताओं का अभूतपूर्व स्नेह और सराहना मिली। पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने अत्यंत एकाग्रता और भावपूर्ण जुड़ाव के साथ ग़ज़लों, गीतों तथा फिल्म Veer-Zaara की प्रसिद्ध कव्वाली का आनंद लिया। कार्यक्रम की सफलता में संगतकारों का भी विशेष योगदान रहा, जिनमें वायलिन पर गुलज़ार हुसैन, कीबोर्ड पर रहबर हुसैन, सितार पर सुजाता मोथिया, तबले पर मेराज हुसैन तथा ऑक्टोपैड पर फरीद दीवाना ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति से समां बाँध दिया। वहीं, कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं गरिमामय संचालन अनामिका अनंत ने अपनी सशक्त एंकरिंग से किया, जिसने पूरे आयोजन को और भी यादगार बना दिया।



