
जयपुर, 6 जुलाई। राजस्थान फाउंडेशन द्वारा “Virtual Conference (VC) with Pravasi Rajasthani Associations in India & Abroad” का सफल आयोजन किया गया। इस वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में सिएटल, मॉरिशस, मुंबई, जाम्बिया, सिंगापुर, कोलकाता सहित भारत एवं विदेशों में राजस्थान एवं विदेश की विभिन्न राजस्थानी संस्थाओं के लगभग 100 प्रतिनिधियों ने इसमें सहभागिता की। बैठक में प्रवासी समन्वयक (Pravasi Coordinators) श्री कुमार लखोटिया, अंशु हर्ष एवं श्री अरुण अग्रवाल सहित अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्थान की भाषा, संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की तथा भविष्य में सहयोग के नए आयामों पर विचार-विमर्श किया।
राजस्थान फाउंडेशन की आयुक्त डॉ. मनीषा अरोड़ा ने Presentation के माध्यम से इस विभाग की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों से सभी को अवगत कराया। DORA Department of Domestic and Overseas Rajasthani Affairs-DORA की कार्यप्रणाली के बारे में भी उन्होंने बताया कि यह विभाग विश्वभर में बसे प्रवासी राजस्थानियों के मुद्दों के प्रभावी समाधान तथा उनसे निरंतर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है। डॉ. अरोड़ा ने NRR नीति-2025 (Non-Resident Rajasthanis Policy 2025) की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह नीति प्रवासी राजस्थानियों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा नए विभाग को स्पष्ट दिशा प्रदान करने के लिए तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की नीति देश के किसी अन्य राज्य में उपलब्ध नहीं है, जिससे यह राजस्थान की एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल बन गई है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि एनआरआर (NRRs) एवं एनआरआर संस्थाओं का पंजीकरण किया जाना प्रस्तावित है। सभी राजस्थानी संस्थाओं से अपेक्षा की गई है कि वे अपने सदस्यों का डाटाबेस डोरा (DORA) के साथ साझा करें, ताकि प्रवासी राजस्थानियों का समेकित एवं अद्यतन रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।
बैठक के दौरान प्रवासी राजस्थानियों के ऑनलाइन पंजीकरण (Registration) की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि पंजीकरण कराने से राज्य सरकार द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, निवेश संबंधी अवसरों तथा विभिन्न गतिविधियों की जानकारी एवं निमंत्रण सीधे प्रवासी राजस्थानियों तक पहुँच सकेगा। शिकायत निवारण व्यवस्था पर जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर को नोडल अधिकारी नामित किया गया है, जिनके माध्यम से प्रवासी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त Knowledge Series के माध्यम से राज्य सरकार निवेश अनुकूल नीतियों एवं औद्योगिक अवसरों की विस्तृत जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध करा रही है, जिसके अब तक चार सफल सत्र आयोजित किए जा चुके हैं।
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न देशों और राज्यों से जुड़े प्रवासी प्रतिनिधियों ने अपने प्रश्न एवं सुझाव रखे, जिनका डॉ. मनीषा अरोड़ा ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। बातचीत का उद्देश्य प्रवासी राजस्थानियों और राज्य सरकार के बीच संवाद को और अधिक सशक्त बनाना तथा राजस्थान के सर्वांगीण विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।



