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डॉ जयश्री पेरीवाल ने मुसाफिर कैफे के लेखक एवं स्टोरीटैलर दिव्य प्रकाश दुबे से किया संवाद

जयपुर,  “जो लव स्टोरीज लिखते हैं, आमतौर पर उनकी खुद की कोई लव स्टोरी नहीं होती या उन्होंने उस प्यार को अपनी जिंदगी में जिया नहीं होता। लव स्टोरीज तब तक अच्छी नहीं होती, जब तक वे वास्तविकता से परे और काल्पनिक हों।” यह बात स्टोरीटैलर दिव्य प्रकाश दुबे ने प्रभा खेतान फाउंडेशन की पहल ‘एक मुलाकात’ के तहत आयोजित चर्चा के दौरान कही। यह आयोजन जयश्री पेरीवाल फाउंडेशन, एहसास वुमन ऑफ जयपुर और हॉस्पिटैलिटी पार्टनर आईटीसी राजपूताना जयपुर के सहयोग से किया गया। वे जयश्री पेरीवाल ग्रुप ऑफ स्कूल्स की चेयरपर्सन डॉ. जयश्री पेरीवाल के साथ बातचीत कर रहे थे, जिन्होंने लेखक के स्टोरीटेलिंग स्टाइल और मोटिवेशन की अलग-अलग बारीकियों को सामने लाया।

दिव्य प्रकाश ने अपनी हाल ही में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई सीरीज मुसाफिर कैफे के बारे में बात करते हुए कहा कि “हम सभी जीवन में कभी न कभी किसी के सुधा, चंदर और प्रीति रहे हैं। ये तीनों पात्र जीवन के किसी मोड़ पर हम सभी में छिपे हैं। हम सही जगह पहुंच कर भी भटके मुसाफिर हैं। दुबे ने आगे कहा कि मेरा मकसद हमेशा से ऐसी कहानियां लिखना रहा है, जो लोगों के जीवन को दिशा दे। लेखक का काम रोशनी दिखाने का होता है।

गुनाहों के देवता के पात्र सुधा और चंदर से मुसाफिर कैफे के पात्रों के नाम समान होने पर दिव्य प्रकाश दुबे ने कहा कि ये दोनों ही कहानियां काफी अलग हैं। मेरी पुस्तक में पात्रों का समान नाम लेने का उद्देश्य मेरी तरफ से गुनाहों के देवता के लेखक श्री धर्मवीर भारती को मेरी ओर से श्रद्धांजलि है।

अपनी लेखन की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए दिव्य प्रकाश ने बताया कि जब उन्होंने नौकरी छोड़कर लेखक बनने का फैसला लिया तब उनके पिता ने उन्हें 6 महीने सब कुछ छोड़कर, विश्व की प्रसिद्ध 100 किताबें पढ़ने पर फोकस करने की सलाह दी थी।

इससे पूर्व, आईटीसी राजपूताना के जनरल मैनेजर दीपेंद्र राणा ने स्वागत संबोधन दिया। एहसास वुमन ऑफ जयपुर की आकृति पेरीवाल ने विशिष्ट अतिथियों का परिचय देते हुए सभी का स्वागत किया। प्रभा खेतान फाउंडेशन की नेशनल एडवाइजर विन्नी कक्कड़ ने लेखक को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया, जबकि एहसास वुमन ऑफ जयपुर की रीना भंडारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

राजस्थान और सेंट्रल इंडिया प्रभा खेतान फाउंडेशन की ऑनरेरी कन्वीनर, अपरा कुच्छल ने फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे निरंतर कार्यों को रेखांकित किया। इस अवसर पर एहसास वुमन ऑफ जयपुर सुनीता शेखावत और कुलसुम मलिक भी मौजूद थीं।

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