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अपेक्स यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह आयोजित

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि शिक्षा जीवन को गढ़ती है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की शिक्षा प्रसार में महती भूमिका है। वे राष्ट्रोथान में सहभागी बनते गुणात्मक शिक्षा के प्रसार के संवाहक बने। राज्यपाल श्री बागडे सोमवार को अपेक्स यूनिवर्सिटी के तृतीय दीक्षांत समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत पश्चिम के ज्ञान से आरंभ से ही बहुत आगे रहा है। पर अंग्रेजी शिक्षा पद्धति ने हमे हमारे ज्ञान से निरंतर दूर किया है। उन्होंने भास्कराचार्य  की चर्चा करते हुए कहा कि गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत के बारे में न्यूटन से पहले उन्होंने बता दिया था। उन्होंने कहा कि भारत ने ही दशमलव का ज्ञान पूरे विश्व को दिया। इसी से संसार को गिनती आई।

राज्यपाल ने  नई शिक्षा नीति को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह भारतीयता से ओतप्रोत संस्कारमय समाज का निर्माण करने वाली है। उन्होंने विश्वविद्यालय में शिक्षकों को आदर्श आचरण के साथ नवीनतम ज्ञान से अपडेट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विश्वविद्यालय में प्राप्त ज्ञान और शिक्षा का उपयोग ‘विकसित भारत’ के लिए करें।

उन्होंने शिक्षा को पवित्र कार्य बताते हुए कहा कि इसमें व्यावसायिकता की बजाय समाजोत्थान को सर्वोपरि रखते हुए कार्य किए जाएं। उन्होंने गरीब, पिछड़े और प्रतिभावान हर वर्ग के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करने में निजी क्षेत्र को महती भूमिका निभाने पर जोर दिया। उन्होंने संजय शिक्षा समिति द्वारा संचालित संस्थाओं में  वंचित बालको को शिक्षा प्रसार के किए कार्यों की सराहना की।

श्री बागडे ने कहा कि शिक्षा का ध्येय बच्चों की बौद्धिक क्षमता को बढ़ाना है। कॉपी करके पास हो जाना या रटना शिक्षा नहीं है। शिक्षा का अर्थ है, पढ़े हुए को समझकर अपनी बात रखना। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में सीखने में विद्यार्थी की स्वतंत्रता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गयी है।

राज्यपाल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए हमारे देश ने विश्वभर को यह बता दिया है कि दृढ़ इच्छा शक्ति, से भारत ने पूर्ण युद्ध छेड़े बिना ही आतंकवाद पर सीधे प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इससे पूरी दुनिया में भारत की साख बढ़ी है। हम  सभी को मां भारती और हमारी सेना पर गर्व है।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय भारतीय सेना की शौर्य गाथाओं और राष्ट्र के महापुरूषों के आलोक में इस तरह के पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति के तहत बनाए जिनसे युवा पीढ़ी राष्ट्र गौरव से प्रत्यक्ष जुड़ सके।
इससे पहले राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को डिग्री और पदक प्रदान किए।

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