
विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (वीजीयू), जयपुर सिडबी स्वावलंबन चेयर के तत्वावधान में 12 जून 2025 को ‘ग्रासरूट टू ग्रोथ : राजस्थान में एमएसएमई के साथ संवाद’ विषय पर एक महत्वपूर्ण राउंडटेबल चर्चा आयोजित की गई। यह आयोजन सिडबी स्वावलंबन चेयर द्वारा
वित्तपोषित एक शोध परियोजना का हिस्सा था, जिसमें प्रदेशभर से 15 प्रमुख उद्यमियों, पेशेवरों और एमएसएमई इकोसिस्टम के विशेषज्ञों ने भाग लिया। ज्ञान साझेदार के रूप में इन्क्यूबेटर टेक और बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, पिलानी की सहभागिता रही। उद्घाटन वीजीयू अध्यक्ष प्रो. एन. डी. माथुर ने किया । उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई (टिनी, रूरल और ट्रेडिशनल एंटरप्राइजेज) की भूमिका, रोजगार सृजन व नवाचार को रेखांकित किया। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से ऐसे मंचों के माध्यम से ज्ञान और नवाचार को जोड़ने की अपील की।

कार्यक्रम में सिंपली जयपुर की पब्लिशर और संपादक अंशु हर्ष ने भी अपने विचार साझा किए । फैकल्टी चेयर मालविका डूडी बगरिया ने सिडबी की पहलों की जानकारी दी और एमएसएमई से प्रत्यक्ष संवाद की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि नीति निर्माण में व्यावहारिक सुझावों का उपयोग हो सके। चर्चा का उद्देश्य ऋण, नियामकीय बाधाएं, बाजार तक पहुंच और आधारभूत संरचना की कमी जैसे मुद्दों पर समाधान खोजना था। उद्यमियों ने ऋण उपलब्धता, कुशल मानव संसाधन की कमी, और नीति अड़चनों पर अनुभव साझा किए। सत्र के अंत में यह सहमति बनी कि नीति निर्माण के लिए जमीनी अनुभवों पर आधारित निरंतर संवाद अत्यंत आवश्यक है। राउंडटेबल प्राप्त सुझावों को रिपोर्ट के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जो आगे नीति सलाह का आधार बनेगी।


