
शेपिंग फ्यूचर, जो भारत का सबसे तेज़ी से बढ़ता हुआ शैक्षणिक सहायता कार्यक्रम है, का तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन दिनांक 31 अगस्त 2025 को होटल रैडिसन ग्रीन, जयपुर में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। श्री अनिल खंडेलवाल, प्रधान समन्वयक , शेपिंग फ़्यूचर ने बताया कि यह संगठन जनवरी 2022 से सक्रिय है और अब तक पूरे भारत में 605 मेधावी किंतु आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को सहायता प्रदान कर चुका है, जो इंजीनियरिंग, मेडिकल, कानून, सीए और सीएस जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं। अब तक ₹4.40 करोड़ की छात्रवृत्ति वितरित की जा चुकी है। कार्यक्रम में भारत एवं विदेश (सिंगापुर, यूएई, अमेरिका, यूके आदि) से आए 200 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया। सम्मेलन में पारिवारिक आय की पात्रता सीमा में संशोधन, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और एल्युमनी इनवॉल्वमेंट जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
प्रमुख वक्ताओं ने निम्न विषयों पर अपने विचार रखे: – श्री अजय डाटा * ( AI विशेषज्ञ) – *कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती भूमिका
– डॉ. मनीषा अरोड़ा, IAS – कार्य-जीवन संतुलन और समय प्रबंधन – - श्री गौरीशंकर गुप्ता, सेवानिवृत्त IFS अधिकारी – दान की खुशी और आभार की भावना – डॉ. प्रभात कौशिक – आर्थिक विषमता को शिक्षा के माध्यम से संतुलित करने की आवश्यकता
इस कार्यक्रम की एक विशेष बात यह रही कि Shaping Future के पूर्व छात्र, जिन्होंने छात्रवृत्ति पाई, प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा पूरी की और अब ₹15 लाख से ₹93 लाख वार्षिक पैकेज पर कार्यरत हैं – उन्होंने भी उपस्थिति दर्ज की। सभा में डॉक्टर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, सरकारी अधिकारी, व्यवसायी व शिक्षाविदों की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। इस अवसर पर उन सदस्यों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने Shaping Future की सफलता में विशेष योगदान दिया है – ताकि अन्य सदस्य भी इस पुण्य कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें और प्रेरित हों। कार्यक्रम ने एक बार फिर Shaping Future के इस संकल्प को दोहराया: “प्रतिभा और अवसर के बीच की खाई को जरूरत और योग्यता आधारित सहयोग से पाटना।”


