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शक्ति फाउंडेशन ने उत्साह से मनाया अपना 7वां वार्षिक सिंदूर खेला उत्सव

जयपुर के महिला संगठन, शक्ति फाउंडेशन द्वारा बुधवार शाम को तिलक नगर स्थित एसडीएम पार्क में अपना 7वां वार्षिक ‘सिंदूर खेला’ उत्सव भव्य रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बंगाल की पारंपरिक साड़ी में सजी-धज्जी महिलाओं ने ‘सिंदूर खेला’ की रस्म उत्साह और उमंग के साथ निभाई। कार्यक्रम की शुरुआत ‘सिंदूर खेला’ की परंपरा और इसके महत्व के बारे में विस्तार से बताने के साथ हुई। जिसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। इस विशेष अवसर पर कोलकाता की पवित्र रेत से निर्मित इको-फ्रेंडली मां दुर्गा की प्रतिमा और बंगाल से मंगाई गई विशेष पारंपरिक साड़ियों ने आयोजन को सांस्कृतिक गहराई प्रदान की।

महिलाओं ने पहले मां दुर्गा को पान के पत्ते से सिंदूर अर्पित कर अपने सुहाग की लंबी उम्र व परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इसके बाद एक दूसरे को सिंदूर लगाकर ‘सिंदूर खेला’ की रस्म निभाई। इस रस्म में केवल विवाहित ही नहीं, बल्कि अविवाहित, ट्रांसजेंडर्स सहित हर वर्ग की महिला ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आपसी प्रेम व सौहार्द का संदेश दिया। उत्सव के दौरान महिलाओं ने बंगाली संगीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां देकर उत्सव में और भी रंग भर दिए। वहीं, इस वर्ष युवा विद्यार्थियों द्वारा महिला सशक्तिकरण पर आधारित नाटक का मंचन मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा और दर्शकों ने भी प्रस्तुति को काफी सराहा।

इस अवसर पर शक्ति फाउंडेशन की संस्थापक, सोनाक्षी वशिष्ठ ने कहा कि “इस वर्ष सिंदूर खेला का उत्सव भव्यता के साथ एक ओपन एयर स्पेस में आयोजित किया गया है। हमारे लिए सिंदूर केवल विवाह का प्रतीक नहीं है, बल्कि हर वर्ग की महिलाओं को एक साथ लाकर सिस्टरहुड, समावेशिता और नारी शक्ति का उत्सव मनाना है। अनुष्ठानों से आगे बढ़कर यह आयोजन अब एक ऐसा मंच बन गया है, जहां महिलाएं एकजुट होकर आपसी मित्रता और सौहार्द का संदेश देती हैं।” कार्यक्रम में शक्ति फाउंडेशन की सह-संस्थापक शैलजा शर्मा एवं शिखा मेहरा सहित कोर टीम की सदस्य डॉ. सुप्रिया गुप्ता, श्रुति लूथरा, निमिषा गुप्ता, रश्मि बहेती, चैताली सेनगुप्ता, परमप्रीत मेहरा, हिना ठाकुरदसानी और अनुपमा अग्रवाल भी उपस्थित रहीं।

उत्सव के दौरान महिला एंटरप्रेन्योर्स द्वारा पॉप-अप स्टॉल्स, क्राफ्ट बाजार, लाइव लाख बैंगल वर्कशॉप, पेंटिंग वर्कशॉप, फेस पेंटिंग, पोट्रेट मेकिंग, फोटो बूथ सहित पारंपरिक व्यंजनों से सजे फूड स्टॉल्स ने कार्यक्रम में जीवंतता भर दी। इन गतिविधियों ने न केवल उत्सव को अधिक मनोरंजक बनाया, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं और महिला उद्यमिता को भी मंच प्रदान किया।

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