
जयपुर। मानव सेवा संघ, प्रेम निकेतन आश्रम का वार्षिक उत्सव अत्यंत श्रद्धा, गरिमा और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी शरणानंद जी महाराज के स्मरण के साथ किया गया। इसके पश्चात श्री शेखर गर्ग, डॉ. भारतीय, श्री आर. सी. बंसल, श्री आनंद मिश्रा एवं मुख्य वक्ता शास्त्री कौसलेन्द्र दास जी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को विधिवत आगे बढ़ाने हेतु ईश्वर से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर प्रेम निकेतन आश्रम द्वारा संचालित विभिन्न सेवा प्रकल्पों प्रेम निकेतन अस्पताल, प्रेम निकेतन सेकेंडरी स्कूल, जराचिकित्सा एवं नर्सिंग केयर सेंटर (GCC), शुभ शांति निवास वृद्धाश्रम, आयुर्वेद पंचकर्म केंद्र, दंत चिकित्सा केंद्र एवं गौशाला की भूमिका और समाज में उनके योगदान को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में प्रेम निकेतन सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गणेश पंचरत्न स्तोत्र पर आधारित गणेश वंदना ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया तथा लघु नाटिका लव-कुश द्वारा श्रीराम को सुनाई गई रामकथा ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
मुख्य वक्ता के रूप में पधारे डॉ. महेश शर्मा (शास्त्री कौसलेन्द्र दास) — डीन, दर्शनशास्त्र संकाय, जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, मदाऊ ने अपने प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने भारतीय दर्शन, संस्कार और सेवा भाव को जीवन में उतारने का संदेश दिया। आश्रम की गतिविधियों पर आधारित एक लघु डॉक्यूमेंट्री का भी प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को प्रेम निकेतन की सेवा यात्रा से भावनात्मक रूप से जोड़ा। मानव सेवा संघ के अध्यक्ष श्री शेखर गर्ग ने आश्रम की सेवा प्रवृत्तियों एवं भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला, वहीं श्रीमती मीना गर्ग ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए सेवा को जीवन का मूल मंत्र बताया। कार्यक्रम के दौरान आश्रम से जुड़े सेवा-भावी सहयोगियों का सम्मान कर उनके प्रति आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें श्रीमती आशा टाक ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, सहयोगियों एवं उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त किया।
मानव सेवा संघ का यह वार्षिक उत्सव सेवा, संस्कार और समर्पण का जीवंत उदाहरण बनकर उपस्थित सभी के हृदय में प्रेरणा का संचार कर गया।


