BUSINESSHINDINATIONALPOLITICAL

मंडी में ट्रेडर्स पर यूज़र चार्ज लगाने से मंडियों में व्यापार ठप, करोड़ों का नुकसान

राज्य सरकार द्वारा कृषि उपज मंडियों में व्यापार करने वाले लाइसेंसधारी व्यापारियों पर यूज़र चार्ज लगाने का आदेश जारी होने के बाद प्रदेशभर की मंडियों में व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है। किसानों और व्यापारियों में भारी आक्रोश है। आदेश के अनुसार, अब मंडी और उप-मंडी यार्डों के भीतर गैर-अधिसूचित कृषि उपज एवं खाद्य पदार्थों पर प्रति 100 रुपए के लेनदेन पर 50 पैसे यूज़र चार्ज देना होगा। मंडी यार्ड के बाहर व्यापार करने वालों को इस शुल्क से छूट दी गई है। मंडी समितियों को यह शुल्क वसूलने का अधिकार दिया गया है।

शक्कर को छोड़ अधिकतर खाद्य वस्तुएँ शुल्क के दायरे में : यह शुल्क दाल, चावल, आटा, मैदा, सूजी, तिलहन, खाद्य तेल, ड्राई फ्रूट्स सहित अन्य कई खाद्य उत्पादों पर लागू किया गया है। केवल शक्कर को इससे बाहर रखा गया है।

व्यापार तीन दिन से ठप, सरकार को करोड़ों का नुकसान : खाद्य पदार्थ व्यापार संघ जयपुर के अध्यक्ष रामचरण नाटाणी और महामंत्री अविनाश जैन ने बताया कि इस आदेश के विरोध में व्यापारियों का धरना तीसरे दिन भी जारी है। पिछले तीन दिनों से मंडी में कोई कारोबार नहीं हो पा रहा, जिससे सरकार को भी बड़ा राजस्व नुकसान हो रहा है। सिर्फ जयपुर मंडी की बात करें तो हर दिन लगभग 20 से 25 करोड़ रुपये का जीएसटी नुकसान हुआ है। पूरे प्रदेश की मंडियों में यह नुकसान प्रतिदिन 200 से 300 करोड़ रुपये तक पहुँच रहा है।

नियमों में भेदभाव का आरोप, सरकार पर मॉल्स को प्रमोट करने का आरोप : व्यापारियों का आरोप है कि सरकार ने एक ही व्यापार को मंडी के अंदर और बाहर दो हिस्सों में बाँटकर दो अलग नियम लागू कर दिए हैं। सह-मंत्री सतीश पापड़ीवाल के अनुसार राज्य सरकार बड़े मॉल्स और मल्टीनेशनल कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए मंडी व्यापारियों पर टैक्स का बोझ डाल रही है।

उपमुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन : व्यापारियों ने यूज़र चार्ज वापस लेने की मांग करते हुए उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी को ज्ञापन भी सौंपा है और चेतावनी दी है कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो धरना और बंद अगली सूचना तक जारी रहेगा।

21 अगस्त को सम्पूर्ण राजस्थान की 247 मंडियों के व्यापारीगण इस यूज़र टैक्स के विरोध में कूकड़खेड़ा मंडी, जयपुर में एकत्रित होंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *