राष्ट्रभक्ति के रस से सराबोर रही काव्य संध्या

अखिल भारतीय साहित्य परिषद, जयपुर विभाग की ओर से ‘राष्ट्र साधना के 100 वर्ष’ विषय पर रविवार शाम मानसरोवर में आयोजित काव्य संध्या राष्ट्रभक्ति की रचनाओं से सराबोर रही। बांसवाड़ा के कवि बृज मोहन तूफान ने सस्वर सरस्वती वंदना से काव्य संध्या का शुभारंभ किया। संयोजक रवि पारीक ने बताया कि काव्य संध्या के मुख्य अतिथि सिविल लाइंस, जयपुर के विधायक गोपाल शर्मा रहे। दिल्ली के डॉ. प्रवीण आर्य, उत्तर प्रदेश से आए दास आरोही, बीकानेर की कवयित्री मोनिका गौड़, बाड़मेर के गोरधन सिंह सोढा ‘जहरीला’, कोटपुतली के नवनीत गौड़, उदयपुर के सुरेन्द्र सिंह राव, बांसवाड़ा के बृज मोहन तूफान, चित्तौड़गढ़ के कृष्णार्जुन पार्थभक्ति, कोटा के राजेंद्र गौड़, महाराष्ट्र के प्रवीण श्रीराम देशमुख, जयपुर के विकास तिवारी ‘प्रज्ञेय’ और नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश के सौरभ सूर्य ने अपनी-अपनी शैली की कविताओं से श्रोताओं को बांधे रखा। स्वागताध्यक्ष पं. देवी शंकर शर्मा रहे तथा मंच संचालन डॉ. विनीत चौहान ने किया।



