
प्रेम निकेतन आयुर्वेद केन्द्र द्वारा निः शुल्क स्वर्णप्राशन शिविर का आयोजन किया गया जिसका संचालन वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. क्षिप्रा नत्थानी तथा डॉ. हिमानी शर्मा ने किया। इसमें आश्रम परिसर स्थित प्रेम निकेतन हायर सैकेन्ड्री स्कूल के प्रीप्राइमरी तथा प्राइमरी कक्षा के बच्चों तथा परिसर के बाहर के क्षेत्रों से भी आये हुए बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। शिविर में लगभग 200 बच्चों का निः शुल्क स्वर्णप्राशन स्वास्तिवाचन कर किया गया। आगामी 1 वर्ष तक बच्चों के सर्वांगीण विकास तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने हेतु स्वर्णप्राशन शिविर प्रेम निकेतन आयुर्वेद योग एवं पंचकर्म केन्द्र पर प्रत्येक पुष्य नक्षत्र को निः शुल्क आयोजित किया जायेगा। स्वर्णप्राशन बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु आयुर्वेद की एक विशिष्ठ औषधि है। इससे सामान्य रोग प्रतिरोक्षक क्षमता का विकास होता है तथा मौसमी बीमारियों से बच्चो की रक्षा होती है। स्वर्णप्राशन में प्रयुक्त ब्राहम्णी घृत एकाग्रता तथा बौद्विक विकास में सहायक है स्वर्ण भस्म, शहद एवं घी का यह मिश्रण रसायन औषधि की तरह कार्य करता है एवं पाचन तंत्र को भी सुदृढ करते हुए बल की वृद्धि करता है। पुष्यनक्षत्र के दिन इसका सेवन विशेष रूप से फलदायी माना जाता हैं। यह औषधियों के प्रभाव को और बढाता है अतः पुष्यनक्षत्र स्वर्णप्राशन हेतु विशिष्ट काल है।



