
जयपुर। पुष्करणा शक्ति की ओर से महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर ‘स्वास्थ्य पर चर्चा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को देखते हुए आयोजित इस विशेष सत्र में समाज की महिला चिकित्सकों ने स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की और उपस्थित महिलाओं के सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम में डॉ. उमा आचार्य, डॉ. सरोज आचार्य, डॉ. अरुणा व्यास, डॉ. कुसुम व्यास और डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। चिकित्सकों ने मेनोपॉज के दौरान होने वाले शारीरिक एवं मानसिक बदलाव, महिलाओं में बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, पीसीओडी, मधुमेह, ब्लड प्रेशर, वजन, स्तन कैंसर सहित नियमित स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता पर महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए अंशु हर्ष ने कहा, “पहला सुख निरोगी काया।” उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर ही जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और सजग रहना चाहिए। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे परिवार की देखभाल के साथ-साथ अपने लिए भी समय निकालें और नियमित स्वास्थ्य जांच को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। चिकित्सकों ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और जंक फूड से परहेज आवश्यक है। वजन अधिक होने की स्थिति में भी शारीरिक रूप से सक्रिय रहना चाहिए। साथ ही खाने के समय स्क्रीन से दूरी बनाए रखने और बच्चों के स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने पर भी जोर दिया गया।
बच्चों के स्वास्थ्य और व्यवहार से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। चिकित्सकों ने कहा कि बच्चों की किसी समस्या पर उन्हें डांटने के बजाय संवाद और काउंसलिंग के माध्यम से समाधान की कोशिश करनी चाहिए। छोटे बच्चों के नियमित टीकाकरण के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। सत्र में ‘सेल्फ लव’ को भी महत्वपूर्ण संदेश के रूप में रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाएं अपने परिवार और सभी की देखभाल करती हैं, लेकिन इस व्यस्त जीवन में अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। प्रत्येक छह माह में सामान्य स्वास्थ्य जांच करवाकर चिकित्सकीय परामर्श लेना उपयोगी है।
कार्यक्रम का संचालन एवं मॉडरेशन अंशु हर्ष ने किया, जबकि शीतल कल्ला ने सत्र एवं अतिथियों का परिचय दिया। कार्यक्रम के आयोजन में पिंकी व्यास और निशा शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में डॉ. संजुला थानवी ने सभी चिकित्सकों का दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया तथा कार्यक्रम के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने चिकित्सकों द्वारा दी गई जानकारी को उपयोगी और महत्वपूर्ण बताते हुए ऐसे जागरूकता सत्रों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता जताई। कार्यक्रम का संदेश यही रहा कि समाज को मजबूत बनाने के लिए केवल बड़े प्रयास ही जरूरी नहीं, बल्कि अपनी सहभागिता, समय और जागरूकता के छोटे-छोटे प्रयास भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



