“अफ्रीका – थ्रू माय लैंस” – अफ्रीका की वाइल्ड लाइफ को दर्शाती एक खूबसूरत कॉफ़ी टेबल बुक

एक पेट्रोकेमिकल कंपनी के सीईओ से फ़िल्म निर्माता, कवि, चित्रकार और फ़ोटोग्राफ़र मनीष मूंदड़ा की कलात्मक जीवन यात्रा प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने जीवन के अलग-अलग पड़ावों में अभिव्यक्ति के लिए कला के कई रूप अपनाए हैं। उनकी पहली किताब ‘कुछ अधूरी बातें मन की’ एक हिंदी काव्य संग्रह थी, दूसरी किताब ‘Mosaic’ में अंग्रेज़ी कविताएँ थीं, और अब तीसरी किताब के रूप में यह शानदार कॉफ़ी टेबल बुक आई है , जो उनके द्वारा खींची हुई तस्वीरें है जो उन्होंने अफ्रीका के जंगलों में खींची है। पिछले तीन साल से वे इस खास काम में लगे थे। उनका सपना है कि ये किताब भारत की हर लाइब्रेरी तक पहुंचे ताकि युवा आँखों में भी नए सपने जग सकें और वे प्रकृति को एक नए नजरिए से देख सकें।
मनीष का कैमरे से रिश्ता बहुत गहरा है। वे अपना कैमरा हर जगह साथ रखते हैं। उन्होंने अपने शौक इस किताब के माध्यम से दर्शाया है, अफ्रीका के जंगलों में जंगली जानवरों की अनोखी जीवन शैली को उन्होंने अपने लेंस में कैद किया है। जब मनीष अपने कैमरे से तस्वीरें खींचते हैं, तो उसमें सिर्फ़ वन्य जीवन का दृश्य ही नहीं आता, बल्कि जंगली जीवों के चेहरे के भाव भी कैद हो जाते हैं। मानो वे कोई कहानी सुना रहे हों। मनीष अपनी इन तस्वीरों के माध्यम से नई कहानियाँ और कविताएँ कहते हैं, जिन्हें शब्दों की जगह तस्वीरें बयां करती हैं।

पिछले 2-3 साल की मेहनत से बनी यह हार्डबाउंड कॉफ़ी टेबल बुक रूपा पब्लिकेशंस से प्रकाशित हुई है। इसमें जंगली जानवरों की अद्भुत तस्वीरें हैं। वो पिछले बीस सालों से अफ्रीका रह रहे है और बीते 20 सालों के अनुभव के बाद उन्होंने अपनी फ़ोटो बुक का विषय वाइल्ड लाइफ चुना। वे हर साल दो-तीन बार मसाई मारा और सेरेन्गेटी जाते हैं, जहाँ अनुभवी गाइड समय से पहले बता देते हैं कि अगला शिकार कब और कहाँ देखने को मिल सकता है।
अफ्रीका की धरती पर बिताए अनुभवों से मनीष ने सीखा कि “प्रकृति आपको विनम्र बनाती है” और “वाइल्डलाइफ फ़ोटोग्राफ़ी अनुशासन सिखाती है।” सुबह 7 बजे से 9-10 बजे के बीच ही बेहतरीन तस्वीरें मिलती हैं, इसलिए समय पर उठना ज़रूरी है। कई बार बारिश के कारण घंटों फँसना पड़ा और खुले जीप सफ़ारी में हमेशा यह भय बना रहता है कि कब कोई जंगली जानवर पास आ जाए।
मनीष मूंदड़ा की यह कॉफ़ी टेबल बुक न केवल फ़ोटोग्राफ़ी और प्रकृति प्रेमियों के लिए ख़ास है, बल्कि यह युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो सपने देखते है और उन्हें पूरा करने का साहस रखते है।
- अंशु हर्ष


