
ई-गवर्नेंस पर 29वां राष्ट्रीय सम्मेलन (एनसीईजी) 1 और 2 जुलाई, 2026 को जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन का आयोजन प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) और राजस्थान सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। नैस्कॉम एवं एमएनआईटी, जयपुर कार्यक्रम के नॉलेज पार्टनर हैं। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में सोमवार को शासन सचिवालय में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध रूप से 19 जून तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सम्मेलन के लिए आमंत्रण पत्र प्रेषित किए जाने के प्रोटोकॉल, आउटरीच के लिए कर्टेन रेजर फिल्म तैयार करने एवं राजस्थान के ई-गवर्नेंस नवाचारों के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सुनिश्चित किए जाने के संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा करेंगे सम्मेलन का उद्घाटन : बुधवार 1 जुलाई, 2026 को मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा सम्मेलन का उद्घाटन कर उपस्थितजन को संबोधित करेंगे। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ भी उद्घाटन सत्र में अपना संबोधन देंगे। साथ ही 2 जुलाई को सम्मेलन के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के मुख्य आतिथ्य में ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 प्रदान किए जाएंगे।
‘विकसित भारत 2047: एआई एनेबल्ड, डेटा ड्रिवेन एंड सिक्योर डिजिटल गवर्नेन्स’ थीम पर होगा आयोजन : इस दो दिवसीय सम्मेलन का विषय ‘विकसित भारत 2047: एआई एनेबल्ड, डेटा ड्रिवेन एंड सिक्योर डिजिटल गवर्नेन्स’ है और इसमें छह पूर्ण सत्र और छह ब्रेकआउट सत्र होंगे। इन सत्रों के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारी, विचारक, शिक्षाविद्, उद्योग विशेषज्ञ और पुरस्कार विजेता देश एवं दुनिया की ई-गवर्नेंस में नवीन एवं सर्वोत्तम प्रथाओं और उभरते रुझानों पर विचार-विमर्श करेंगे।
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (एनसीईजी) का उद्देश्य ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना, सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रदर्शित करना और सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए भारत में डिजिटल शासन के नवीनतम पहलुओं पर विचार-विमर्श करना है।


