
समारोह के द्वितीय चरण में राज्यसभा सांसद सतीश पूनियां का नागरिक सम्मान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणपति वंदना से हुआ। इसके बाद चैप्टर की ओर से पूनियां का सम्मान किया गया। सांसद लहरसिंह ने कहा कि सतीश पूनियां संगठन का लंबा अनुभव वाले नेता है उन्होनें हरियाणा में पार्टी को बड़ी जीत दिलाई है। राजस्थान से जोड़कर रहने की अपील की। सिरोया ने कहा कि राजस्थान में निवेश की नीति बहुत ही सरल है हमें वहां योगदान करना चाहिए। डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए राजस्थान से बेहतर जगह नही है। जुलियन जालान ने पूनियां को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। सतीश पूनियां ने कहा कि राजस्थान की विरासत और परंपरा हमें प्रेरणा देती है कि हमारी परिश्रम के पसीने से जन्मभूमि को बदलने का परिश्रम करेंगें। सरकार प्रयास करती है लेकिन हमें सरकार का साथ देकर आगे बढऩा चाहिए। हमें राजस्थान के जड़ों तक जुडने की जरुरत है हमारी जड़े हमारी बोली, गांव, भाषा और माटी में है हमें नई पीढ़ी को हमारे रीति रीवाज, तीज त्योहार, संस्कृति से रुबरु कराना है। हमें गांव में यथासंभव योगदान देकर समाज के कार्य करने चाहिए। हमें स्कूल, मंदिर, पर्यावरण और अन्य जगहों सहयोग करना चाहिए। राष्ट्रवाद के विचार से जुड़कर मेरे जीवन को नई दिशा दी। उसी विचार से आज तक की यात्रा संभव हुई। समाज से बहुत कुछ सीखने का मौका मिला। राजस्थान के बड़े नेता भैरुसिंह शेखावत ने राजनीति में लंबा चलने की तीन चीजों की सीख दी। पहली मेहनत और परिश्रम, दूसरा संयम और धैर्य, तीसरी बात ईमानदरी इन बातों को जीवन में उतारकर आज तक उसी पर कायम हूं। भाजपा प्रवासी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रमेशकुमार चौधरी का भी सम्मान किया गया। इसके बाद पूनियां की जीवन यात्रा निर्मित शोर्ट फिल््म का प्रदर्शित कर उनका नागरिक अभिनंदन प्रारंभ किया गया। समारोह में बेंगलूरु में प्रवासित लगभग 80 से अधिक समाज, संगठनों एवं संस्थाओं ने क्रमवार पूनियां का अभिनंदन किया। अभिनंदन समारोह के संयोजक सुरेश पारीक ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।



